31/05/2020. P/74

हिन्दी/
///////
विजेंद्र सर हमेशा मुझे ही ढूंढते थे कपडे धुलने के लिए में एक लडके जिसका नमे बलराज था उससे पूछा कि यार हमेशा मुझे ही कपडे धुलने के लिए क्यो पकड़ते है। तो उसने कहा को नए होते है। उन्हें कंट्रोल करने के लिए उनसे ही सारा काम करवाया जाता है। उस समय होम में चार लड़कों का रोंब था पेहला था , स्वयं और दूसरे का नाम ,जनोला था।तीसरे का नाम चंदन, और चौथा दीपक, उससे पहले जो था उसका नाम फैयुम लडके बताते थे। कि वो बहुत मारता था जो उसकी बात नहीं मानता था। जब होम से वो छूटा तो जिन लड़कों को उसने मेरा था उन लोगो ने उसे ग्रुप बनाकर पकड़ लिया और उसके चेहरे पर ब्लेड मार दिया। मेरा ६वी क्लास का पेपर छूट गया था। और गर्मियों की छुट्टियों पड़ गई थी १ महीना १० दिन का लेकिन होम वालो के लिए १ महीना २० दिन का क्योंकि स्कूल खुलने के १० दिन तक तो होम वाले स्कूल जाते ही नहीं थे। स्कूल खुलने के बाद विजेंद्र सर ने कहा बेटा नरेला में तू पड़ता था क्या तो मैंने बताया कि मैंने अपनी ६वी का फाइनल पेपर नहीं दे पाया था। जिसकी वजह से फेल हो गया था। तो विजेंद्र सर ने कहा मै तेरा नरेला से ६ वी का मार्कशीट निकाल कर तेरा यही दाखिला करवाउगा अगल दिन विजेंद्र सर ने नरेला स्कूल से मेरा ६वी का टिसी निकलवाया और मुझे आकर बोले बेटा तेरा टीसी निकलवाने गया था। तो तेरे टीचर बोल थे। कि तेरी हैंड राटिंग बहुत अच्छी थी। फिर बोले मेरे साथ कल चल मै तेरा ६वी में दाखिला करवाता हूं।









English translate/
////////////////////////////
Vijendra Sir always used to look for me to wash clothes, a boy whose name was Balraj asked him, why man always hold me to wash clothes.  So he said that they are new.  All the work is done to control them.  At that time the two boys in the home were Rhomba Pehla, himself and the other's name was Janola.  What was before him was called Fayum Boys.  That he used to kill a lot who did not listen to him.  When he left home, the boys whom he had belonged to, caught him in a group and hit the blade on his face.  My 4th class paper was missed.  And the summer holidays were 1 month and 10 days, but for home people, 1 month was 20 days because for 10 days after the opening of the school, the people did not go to school.  After the school opened, Vijendra sir said, did you fall in my son Narela, then I told that I was not able to give my 4th final paper.  Because of which he failed.  So Vijendra sir said, I will take your 9th marksheet from your Narela and get it admitted to you. Next day Vijendra sir got my 4th Tissi out of Narela school and I came and said my son had gone to get your TC.  So your teacher was speaking.  That your handwriting was very good.  Then said that come with me tomorrow, I will get you enrolled in the 9th.






Comments

Post a Comment

Popular posts from this blog

लालकिला / travel vlog

मीना बाजार/छत्ता चौंक लालकिला

लालकिला/ लाहौरी गेट