मीना बाजार/छत्ता चौंक लालकिला


              मीना बाजार/छत्ता चौक 

 लालकिला लाहौरी गेट से अंदर जाते ही सबसे पहले आपके मीना बाजार/छत्ता चौक पड़ेगा जहा आपको तरह तरह के हाथ से बनी क्लाकृतियां देखने को मिलेगी और अपने पसंद की कोई सी क्लाकृतिया खरीद सकते है। मीना बाजार का अस्तित्व शाहजहा के समय से देखने को मिलती है। जो १७ शताब्दी से है शाहजहा को इस तरह के बाजार का विचार लाहौर के एक बाजार को देखकर आया था। बड़े हालनुमा छत के नीचे लगने से इसको छत्ता चौक का नाम मिला आज लोग इसे मीना बाजार के नाम से जानते है। मुगल शासक के समय यह बाजार इसलिए लगाया जाता था की व्यापारी अपना सामान राजमहल तक आसानी से पहुंचा सके ज्यादातर इस बाजार में शाही लोगो के भोग विलास कि वस्तुएं मिलती थी। जैसे रेशमी कपड़े, आभूषण सजावटी सामान रत्न, फल फ्रूट आदि सब मिलता था। लेकिन अब इस बाजार में उस समय के डिजाइन के आभूषण, सजावटी सामान उचित रेट पर मिलता है। इस बाजार में पहुंच कर आपको लगेगा की आप अलग ही दुनिया में आ गए हैं। और आप उस समय की नक्काशी आज भी इस बाजार में देख सकते हैं।

 https://youtu.be/Kc0sLqSeOBc















      Meena Bazar / Chatta Chowk

 As soon as you enter from Red Fort Lahori Gate, first you will come to Meena Bazar / Chhatta Chowk where you will get to see different types of hand made artefacts and can buy any artefacts of your choice. The existence of Meena Bazaar can be seen from the time of Shah Jaha. Which is from the 17th century, Shah Jaha got the idea of such a market after seeing a market in Lahore. It got the name of Chatta Chowk due to being placed under a large hall-shaped roof, today people know it by the name of Meena Bazar. At the time of the Mughal ruler, this market was set up so that the traders could easily reach their goods to the palace, mostly in this market the luxury items of the royal people were available. For example, silk clothes, jewellery, decorative items, gems, fruits, etc. were all available. But now in this market, jewelery and decorative items of the design of that time are available at a reasonable rate. By reaching this market, you will feel that you have come to a different world. And you can still see the carvings of that time in this market.

https://youtu.be/Kc0sLqSeOBc














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