07/06/2020. P/81

हिन्दी/
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अलीपुर होम में काम करने वाले पुराने गार्ड और केयर टेकर के अनुसार अलीपुर होम कब्रिस्तान के उपर बना था। जब होम बनाने के लिए अलीपुर की जगह चुनी गई थी। तो यह एक पुरानी कब्रिस्तान थी यहां के कब्र को कही और लेजाकर दफना दिया गया। साथ ही ये भी बताते थे कि एक बार इसी जगह से बारात का रही थी जिसे लुटेरों ने लूट लिया था और दुल्हन को मार दिया और जला दिया जिसकी आत्मा आज भी होम में भटकती है। नेकी सर जो होम के इंचार्ज थे। पुरानी चीजे जहा वो रखते थे वहा एक पुराना बक्सा था। जिसमे इंसानों की मर्डर कि बहुत भयानक बहुत सारी फोटो थी जिसमे कई फोटो तो ऎसि थी कि उसे देखना भी बहुत बुरा था। एक बार नेकी सर ने बताया कि होम बनने से पहले ये कब्रिस्तान था उसके बाद यहां पागलखाना बना और उसके बाद थोड़ा सा चेंज करके इसे होम बना दिया गया। होम कि लेडी केयर टेकर जिनका नाम उर्खा था। वो मदन भाई की वाइफ थी। सभी लडके मदन को भाई और उनकी वाइफ ( ऊर्खा) को भाभी बोलते थे। धीरे - धीरे सभी होम के लोग मुझे जानने लगे होम के स्टाफ तो परिवार की तरह हो गया स्टोर कि चाभी मेरे पास रहने लगी जिससे स्टाफ में और भी रूतवा बढ़ गया राशन सभी कुटीयो में बटना। एक बार भाभी जी ने मुझसे कि शशि सभी लड़कों को उपर टीवी रूम में लेके आ किसी को भी कुटी में नहीं छोड़ना। उनकी आवाज में बहुत घबराहट थी।









English translate/
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According to the old guard and caretaker who worked in the Alipore home, the Alipore home was built above the cemetery.  When Alipore was chosen to build the home.  So it was an old cemetery where the grave was taken and buried.  Along with this, they also said that once there was a procession from this place which was robbed by the robbers and killed and burnt the bride whose soul still wanders in the home.  Neki Sir who was in charge of the home.  There was an old box where the old things were kept.  In which there were so many terrible photographs of humans murdered, in which there were many photos that it was very bad to see them.  Once Neki sir told that this was a cemetery before the home was built, after that a madhouse was built here and after a little change it was made a home.  Home that lady care taker named Urkha.  She was the wife of Madan Bhai.  All the boys used to call Madan as brother and his wife (Urkha) as sister-in-law.  Gradually all the people of the home started to know me, the staff of the home became like a family, the key of the store started to stay with me, which increased the staff even more, the ration was distributed among all the dogs.  Once sister-in-law asked me to bring all the boys upstairs to the TV room and not leave anyone in the hut.  There was a lot of panic in his voice.






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