17/07/2020. P/103

हिन्दी/
///////
त्रिलोक सर का खौफ इतना था कि कई लडको ने सेक्शन बदलने के लिए प्रिंसिपल को प्राथना पत्र दिया और सेक्शन चेंज भी कर लिया उनको देख कर और भी लडको ने सेक्शन बदलने के लिए प्रार्थना पत्र दिया। ये बात त्रिलोक सर को अच्छी नहीं लगी उन्होंने कहा तुम कोई सा भी सेक्शन चुन को तुम लोगो की कॉपी मै ही चेक करुगा और गलत दिखा तो अंक जरूर काटूगा। अगर लिखावट सुंदर हुई तो उसके दो अंक दे दुगा। एक बार एक लडके ने एग्जाम कॉपी में सायिरी लिखी थी। तो त्रिलोक सर ने उसे प्राथना के समय पूरे स्कूल वालो को सुनाया। और उस को सरमिंदा किया ताकि वो भविष्य में कोई और गलती ना करे और पढने लगे। एक लडके ने लिखा था। गाय हमारी माता है हमको कुछ नहीं आता है। तो त्रिलोक सर ने लिखा बैल तुम्हारा बाप है। नंबर देना पाप है। वो हमेशा देश हित में बात किया करते थे। किसी लडके को जानबूझकर फेल नहीं करते थे। वो ठीक उत्तर पर ही नंबर देते थे। एग्जाम के बाद कॉपी सभी को दिखाते और बोलते कि अगर तुम्हे लगे कि मैंने किसी उत्तर पर कम नंबर दिया है तो मुझे बताओ और दिखाओ यदि मुझे लगा कि मैंने कम नंबर दिया है और तुम्हारा उत्तर ठीक है तो मै तुम्हारा नंबर बढ़ा दुगा। फिर त्रिलोक सर बोलते है कि तुम लोगो को क्या पता नकल करके पास होते हो गवर्मेंट ने तुम्हे बिगाड दिया है। लेकिन मै तुम लोगो को फ्री में नंबर नहीं दुगा उत्तर ठीक लिखोगे तो ठीक नंबर मिलेगे और पास हो जाओगे नहीं तो इसी क्लास में रहोगे। 









English translate/
////////////////////////////
The fear of Trilok sir was so much that many boys gave a letter of request to the principal to change the section and after changing the section, after seeing them, more boys gave an application to change the section.  Trilok sir did not like this thing. He said that you will check any section in the copy of the people and if you show it wrong, you will definitely deduct the marks.  If the handwriting is beautiful then it will give two points.  Once a boy wrote Sayiri in the exam copy.  So Trilok sir told him to the whole school people at the time of prayer.  And convinced him that he would not make any more mistakes in future and started studying.  A boy wrote.  The cow is our mother, we do not know anything.  So Trilok sir wrote that the bull is your father.  Giving numbers is a sin.  He always talked in the interest of the country.  Did not knowingly fail any boy.  He used to give the number on the right answer.  After the exam, show the copy to everyone and say that if you feel that I have given a low number on an answer, then tell me and show that if I thought I gave a low number and your answer is fine, then I will increase your number.  Then Trilok sir says that you pass by copying what the people know, the government has spoiled you.  But I will not give you the number for free, if you write the answer properly, you will get the right number and you will pass, otherwise you will remain in this class.  






Comments

Popular posts from this blog

लालकिला / travel vlog

मीना बाजार/छत्ता चौंक लालकिला

लालकिला/ लाहौरी गेट