08/07/2020. P/99

हिन्दी/
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होम से बहुत से लडके उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में प्रवेश लिया था। राजेश ,चिमा , रमेश ये सब भाग गए स्कूल से लगभग ६ थ क्लास पास होते - होते मेरे क्लास में होम के सिर्फ मै और संजय बचे थे। क्लास की लास्ट डेस्क पर  हम लोगो का कब्जा होता था। अगर कोई बैठा भी होता तो वो उठ जाता क्योंकि संजय और दीपक पूरे क्लास में अपनी चलाते थे। क्लास में मॉनिटर प्रदीप को बनाया गया प्रदीप अलीपुर का रहने वाला था। प्रदीप, मेरा और दीपक और संजय की हाजिरी लगा देता था। क्योंकि हम लोग हमेशा क्लास में ही रहते थे। जिस दिन नहीं रहते प्रदीप को बोलते कि हम बंक कर रहे है प्रदीप हाजिरी लगा देता अगर क्लास में टीचर नहीं होते तो या टीचर प्रदीप को बोल कर जाते कि हाजिरी लगा देना हम भी प्रदीप को सपोर्ट करते थे। उसके हा में हा मिलते थे। हम क्लास वाले भी आपस में बहुत झगड़ते थे। लेकिन अगर कोई और सेक्शन का या किसी और क्लास के साथ झगड़ा होता तो सभी एक हो जाते थे। टीचर आके कितना भी पूछे कि झगड़े में कौन - कौन सामिल था तो कोई नहीं बताता चाहे टीचर पूरी क्लास को ही सजा दे - दे लेकिन कोई नहीं बताता स्कूल में तो लडको के नाम भी बहुत अजीबो गरीब रखते थे। कुछ छूटे हुए कमिने फ्रेंड जिनका नाम अब याद आया वो है।भोला लेकिन भोला बिलकुल भी नहीं था। फाइट करने में नंबर वन था। स्वराज, हमेशा बोलने वाला उसको चुप करने के लिए भी बोलना पड़ता था। हेमन्त, दिलीप हमेशा बस स्टैंड पर लडकी पटाने के चक्कर में पर एक भी लाइन नहीं देती थी। बाकी कमिने जो बचे है उनके बारे में अगली बार।









English translate/
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Many of the boys had taken admission in higher secondary school from home.  Rajesh, Chima, Ramesh all ran away from school, about 4th class would pass - only me and Sanjay were left in my class.  We used to occupy the last desk of the class.  Even if someone was sitting, he would get up because Sanjay and Deepak used to run throughout the class.  Pradeep, who made Pradeep a monitor in class, was a resident of Alipur.  Pradeep used to present mine and Deepak and Sanjay.  Because we were always in class.  On the day we do not live, Pradeep used to say that we are banning Pradeep, if there were no teachers in the class or the teacher would have told Pradeep that we would also support Pradeep.  He used to meet in his ha.  We class people also had a lot of quarrel among themselves.  But if there was a quarrel with another section or with some other class, then all would become one.  No matter how much the teacher came and asked who was involved in the quarrel, no one would tell whether the teacher should punish the whole class - but no one would tell that the names of the boys were very poor in school.  Some missed kameen friend whose name is remembered now is gullible but not gullible at all.  Was number one in fighting.  Swaraj, the one who always spoke, had to speak to silence him.  Hemant, Dileep did not always give a single line in the affair of a girl at the bus stand.  The next time about the remaining kamine.






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