30/04/2020 P/43

हिन्दी/
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दो महीने कि छुट्टियों के बाद स्कूल में एडमिशन होने वाला था इसकी इतनी खुसी नहीं थी। जितनी बाहर निकलने की क्योंकि साला कई साल से बाहर कि दुनिया से अलग एक कमरे की जिंदगी हो गई थी। फिर मैने किचेन में काम करने लगा कुक प्रेम/भाईसाहब से पूछा में किचेन में आ जाऊं काम करने के लिए लिए क्योंकि किचेन में काम करने वाले अपने लिए स्पेशल तड़के वाली सब्जी और फ्राई दाल बनाने कि इजाजद थी। हा 10/ महीने मिलता था किचेन वालो को। में काम करते करते रोटी, चावल, सब्जी,दाल, चिकेन, मटन, सभी खाने वाला आईटम बनाना सीख गया था। हम किचेन में काम करने वालों के बीच में रेस लगती थी। कि कौन ज्यादा रोटी बेलेगा कमाने ऎसे ऐसे बच्चे थे। जो 3/रोटी एक साथ बेलते थे। जब लोई कटती तो उसकी गिनती करना आवश्यक था। उससे पता चलता कि रोटी कम पड़ेगी या ज्यादा इसी तरह दो महीने बीत गए स्कूल कि छुट्टी ख़तम हो गई और न्यू एडमिशन स्टार्ट हो गया रमेश भाईसाहब जो स्कूल ले जाते थे। भाईसाहब ने सभी को बाहर किया और बोले जिसका नाम बोला जाएगा कल से स्कूल जाने के लिए तैयार रहे रमेश भाईसाहब बोलते रहे उसमे मेरा भी नाम था। उस रात मुझे नींद नहीं आई स्कूल जाने के एक्साइटमेंट में नहीं स्कूल से भाग जाएगा इस एक्साइटमेंट में अगले दिन न्यू ड्रेस नीली कमीज़ और हाफ पैन्ट मिली।








English translate/
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Two months after the holidays, the school was going to be admitted.  As much as possible to get out, because Sala had become the life of a room outside the world for many years.  Then I started working in the kitchen and asked the cook Prem / Bhaishab to come to the kitchen to work because he was allowed to make special tempering vegetables and fry lentils for himself.  Ha 10 / month was available to kitchen people.  While working in it, he had learned to make bread, rice, vegetables, lentils, chicken, mutton, all eatable items.  We used to race among the people working in the kitchen.  Who were such children who would earn more bread?  Those who used to make 3 / roti together.  When the dough was cut, it was necessary to count it.  It would have shown that the roti would be less or more like two months had passed, the school holiday was over and new admission started, Ramesh Bhaishab who used to take school.  Brother-in-law excluded everyone and said, whose name will be called, Ramesh, who was ready to go to school from yesterday, kept speaking.  I did not sleep that night, would not run to school, would run away from school. In this exercise, the next day got a new dress blue shirt and half pants.





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