19/04/2020 P/32

हिन्दी/

शाम को नरेला पहुंचे वहां पहुंचने के बाद जेल जैसे दो बड़े बड़े गेट से एंट्री हुई हम लोग 24/ बालक थे साथ में हम सभी को  एक साथ बैठाया फिर 6 लड़के आए उन सभी ने 4 चार बच्चे चुने जैसे हमारी क्वालिटी देख के चुन रहे है फिर वो चुने बच्चो को अपने साथ ले गए मुझे और तीन बच्चो को एक लड़का ले गया जिसका नाम नजिस था एक रूम में ले जाके हमारी तलासी ली जैसे हम कोई बम लेके आए है फिर हमारे सभी कपडे उतरवा लिए और हम नए कपडे दिया और नहाने को बोला मै कपडे रख के नहाने के लिए गया नहा के वापस आया तो कपड़ा गायब फिर नाजिस ने एक पुराना कपड़ा दिया साम का खाना बट चुका था तो आए हुए नए बच्चो के लिए ढाबे से खाना मगाया गया खाना आया हम सभी को खाने के लिए बुलाया गया खाने में सुखी रोटी बिना नमक के दाल एंसा लग रहा था कि रोटी काई दिनों से सुखाई गई है उसके बाद सभी लोग अपने अपने रूम में चले गए वहां रूम के नाम थे सुभाष कुटी, शास्त्री कुटी, जवाहर कुटी , शिवाजी कुटी,  गौतम कुटी, एक का नाम मै भूल गया हूं मेरी कुटी का नाम सुभाष कुटी था रात करीब 9 बजे एक लड़के ने मुझे बुलाया कहा कुटी खड़ी हो रही है कैप्टन ने बुलाया है मुझे समझ में नहीं आया बट ओ दरा हुए था में समझ गया कि कुछ खतरनाक होने वाला है।







English translate/

Arriving at Narela in the evening, after reaching there, two people like Jail entered from the big gate, we were 24 / children together, we all sat together, then 6 boys came, all of them chose 4 four children as they are choosing our quality.  Then he took the selected children with me and took three children, a boy whose name was Najis, took us to a room and took our search as if we had brought a bomb, then took all our clothes off and we  Gave the clothes and said to take a bath, I went to take a bath and came back to take a bath, then the clothes disappeared, then Nazis gave an old cloth, and the food of the item had been eaten, so the food was cooked for the new children from the dhaba.  He was called to eat, he was happy to put dry bread without salt and it seemed that the bread had been dried since many days. After that, all the people went to their own rooms.  Tri Kuti, Jawahar Kuti, Shivaji Kuti, Gautam Kuti, I have forgotten the name of one, my hut's name was Subhash Kuti, around 9 o'clock in the night, a boy called me and said that the hut is standing by the captain, I did not understand.  But O Dara Dare Tha understood that something dangerous was going to happen.

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