यादें/मेरी सबसे बुरी हालत

             यादें जो सास तक रोक दे

बात उस समय की है। जब हम लोग स्कूल की तरफ से घूमने गए थे। हमारी गैंग की टोली भी साथ थी। उस समय हमारा टूर गोल्डन टेंपल का था। मेरे साथ मेरे फ्रेंड्स संजय, दीपक, सौराज, दिलीप, सौरभ,पवन, और भी दोस्त थे । उस समय जब हम गोल्डन टेंपल घूम रहे थे उस समय गर्ल स्कूल की भी टूर आया हुआ था। वह गर्ल भी हमारी एज की थी। लगभग सेम क्लास जब हम गोल्डन टेंपल से बाहर आ रहे थे तो हमारे साथ साथ गर्ल भी बाहर निकल रही थी। रास्ता ज्यादा बड़ा नहीं था। जिसकी वजह से बाहर निकल वाला रास्त भीड़ से भरा था। उस समय लेडी कॉन्स्टेबल हमसे थोड़ी दूर पर चल रहे थे। गेट पे लेडी कॉन्स्टेबल और जेंस कॉन्स्टेबल दोनो थे। लेडी गार्डनर पौधो को पानी दे रही थी। हमारे क्लास टीचर भी हम थोड़ी दुर पर चल रहे थे। मैं, और स्वराज साथ चल रहे थे। बाहर निकलने के लिए हमसे जस्ट आगे लड़कियों का एक ग्रुप हमसे आगे चल रहा था। भीड़ की वजह से हम बिलकुल लड़कियों के पीछे पीछे चल रहे थे। तभी किसी ने ( दोस्त का नाम नहीं बता सकता) मेरे और स्वराज के कांधे के ऊपर से हाथ लेजाकर आगे चल रही लडकी का ब्रेस्ट दबा दिया। और फिर वहा से हट गया। उन लड़कियों के ग्रुप ने पीछे मूढ़ कर गुस्से से पूछा कि शर्म नहीं आई। और झगडा करने के लिए तैयार हो गई थी। मुझे कुछ सूझ नहीं रहा था कि क्या करु क्लास टीचर थोड़ी दूर पर थे। टीचर की बेइज्जती और स्कूल का नाम खराब होता भले ही मैने कुछ नहीं किया था। डर के मारे मेरा मुंह सुख गया दिल की धड़कने बड़ गई थी समझ में नही आ रहा था कि क्या करु और बदनामी का डर लेकिन बदनामी तो होती और स्कूल में आकर पूरे स्कूल में बदनामी होती। वहा जहा लोग विदेशों से घूमने आते है वहा तो बात और बड़ जाती। भाई मैने यही सोचकर तुरन्त उन लड़कियों के सामने हाथ जोड़कर कहा कि मैंने ये नही किया। अगर आपको लगता है कि ये मैने किया तो मुझे माफ कर दो। पहले तो उन लड़कियों ने मुझे ऊपर से नीचे तक देखा फिर बोली दोबारा ऐसा मत करना फिर वो आगे बड़ गई हम लोग वापस बस कि तरह चल पड़े दिल धड़क रहा था जोर जोर।














                               memories that take your breath away

 It is about that time.  When we went for a walk from the school side.  Our gang team was also with us.  At that time our tour was of Golden Temple.  My friends Sanjay, Deepak, Sauraj, Dilip, Saurabh, Pawan, and other friends were with me.  At that time, while we were visiting the Golden Temple, there was also a tour of the girl's school.  That girl was also of our age.  Almost the same class, when we were coming out of the Golden Temple, the girl was also coming out along with us.  The road was not very big.  Because of which the way out was full of crowd.  At that time the lady constable was walking a little distance from us.  Lady constable and junior constable were both at the gate.  Lady Gardner was watering the plants.  We were also walking a little distance from our class teacher.  Me and Swaraj were walking together.  Just ahead of us a group of girls was walking ahead of us to get out.  Because of the crowd, we were just following behind the girls.  That's why someone (can't tell the name of the friend) pressed the breast of the girl walking in front by taking his hand from above my and Swaraj's shoulders.  And then went away from there.  The group of those girls looked back angrily and asked whether they were not ashamed.  And was ready to fight.  I could not understand whether the Karu class teacher was a little far away.  The teacher would have been insulted and the name of the school would have been spoiled even if I had done nothing.  My mouth went dry due to fear, my heartbeat increased, I could not understand what to do and fear of defamation, but there would have been defamation and after coming to school, there would have been defamation in the whole school.  Where people from foreign countries come to visit, the matter would have increased further.  Brother, thinking this, I immediately folded hands in front of those girls and said that I did not do this.  If you feel that I have done this, then forgive me.  At first those girls looked at me from top to bottom, then said don't do this again, then she went ahead, we went back like a bus, my heart was beating fast.











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